नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026
भारत आज पूरे गौरव और देशभक्ति के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता, तकनीकी प्रगति और लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक देखने को मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली ।
🏛️ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गणमान्य उपस्थिति
समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख और अन्य विशिष्ट अतिथि सलामी मंच पर पहुंचे ।
🌍 अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहा। उनकी उपस्थिति भारत-EU रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का संकेत मानी जा रही है ।
🎖️ परेड में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
कर्तव्य पथ पर थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने कदमताल की।
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ब्रह्मोस मिसाइल,
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आकाश एयर डिफेंस सिस्टम,
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स्वदेशी ड्रोन तकनीक,
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और आधुनिक सैन्य वाहनों ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने आकाश में शानदार फ्लाई-पास्ट कर तिरंगे के रंग बिखेरे ।
🎭 सांस्कृतिक झांकियाँ बनीं आकर्षण
देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में लोक कला, परंपरा, नारी शक्ति, डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की थीम को दर्शाया गया।
इस वर्ष की थीम “वंदे मातरम् – 150 वर्ष” रही, जिसने राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया ।
🛡️ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली-NCR में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम किए गए।
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हजारों पुलिसकर्मी
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अर्धसैनिक बल
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ड्रोन और CCTV निगरानी
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ट्रैफिक डायवर्जन
के जरिए समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की व्यवस्था की गई ।
🇮🇳 राष्ट्र को संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “गणतंत्र दिवस हमें संविधान, कर्तव्य और विकसित भारत के संकल्प की याद दिलाता है।” उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया ।
✨ निष्कर्ष
77वां गणतंत्र दिवस समारोह न केवल एक उत्सव रहा, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक मजबूती, वैश्विक नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर उभरा। कर्तव्य पथ से दिया गया यह संदेश साफ था — भारत आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर है 🇮🇳।

